विधायक चातुरी नंद ने प्रदेश में शक्ति चलित कृषि यंत्रों व उपकरणों के वितरण हेतु लागू चैंप्स व्यवस्था में अनियमितता का मामला विधानसभा में उठाया

– ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से कृषि मंत्री से पूछे तीखे सवाल
– किसानों को सीधे ऑनलाइन पंजीयन नहीं होने से ट्रैक्टर सहित अन्य कृषि यंत्र मिलने में आ रही दिक्कतों से कराया मंत्री को अवगत

सरायपाली : विधायक चातुरी नंद ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के तीसरे दिन प्रदेश में शक्ति चलित कृषि यंत्रों व उपकरणों के वितरण हेतु लागू चैंप्स व्यवस्था में अनियमितता मामले का कृषि मंत्री रामविचार नेताम का ध्यानाकर्षण कराया।
विधायक चातुरी नंद के ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने लिखित व्यक्तव्य में बताया कि प्रदेश के शक्ति चलित कृषि यंत्रो, सिंचाई पंपो, ड्रिप/स्प्रिंकलर के वितरण हेतु सूचना प्रौद्योगिकी आधारित चैम्प्स व्यवस्था वर्ष 2017-18 से संचालित है, यह व्यवस्था प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी ने यांत्रिकीकरण हेतु संचालित सभी केन्द्र प्रवर्तित एवं राज्य पोषित योजनाओ में यंत्रो के प्रदाय की व्यवस्था है। दिनांक 14 मई 2025 को चैम्प्स पोर्टल खोलने के संबंध में पत्र कमांक मुख्या/बी.कृ.वि.नि./ चैम्प्स/2025-26/31 दिनांक 13.05.2025 द्वारा समस्त पंजीकृत प्रदायको को सूचना दी गई है पोर्टल शाम कार्यालयीन समय के बाद प्रारंभ होने का प्रमुख कारण चैम्प्स पोर्टल के सिक्योरिटी ऑडिट नहीं होने के कारण चिप्स के द्वारा उसे तत्काल बंद कर दिया गया था। चैम्प्स प्रकोष्ठ प्रभारी द्वारा चिप्स से संपर्क एवं पत्राचार उपरांत पोर्टल दिनांक 14 मई 2025 को सायं 5 बजकर 55 मिनट पर प्रारंभ हुआ। पोर्टल प्रारंभ होने के पश्चात् सर्वर में समस्या (अधिक लोड) होने के कारण पोर्टल धीमे कार्य कर रहा था तथा कभी-कभी एरर भी प्रदर्शित कर रहा था। अतः पोर्टल पुनः 7.30 बजे खोले जाने संबंधी कथन सही नही है अपितु पोर्टल सायं 5.55 बजे प्रारंभ होने के पश्चात् निरंतर खुला रहा।
कृषि मंत्री ने अपने लिखित जवाब में यह भी बताया कि पोर्टल प्रारंभ होने के पश्चात् समस्या, केवल 02 ट्रेक्टर सोनालिका एवं महिन्द्रा द्वारा अधिकतम ऑनलाईन एन्ट्री की गई जबकि अन्य कंपनियों को पोर्टल में एन्ट्री करने के संबंध में पोर्टल से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच हेतु सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता रखने वाले विशेषज्ञों की समिति के माध्यम से जांच कराया जाना प्रक्रियाधीन है। प्रतिवेदन प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर यथोचित निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री के जवाब में यह बात भी सामने आईं कि टैफे ट्रेक्टर कंपनी के अधिकृत प्रदायक मेसर्स रिलायबल डिस्ट्रीब्यूटर, रायपुर द्वारा दिनांक 14.05.2025 को समय रात्रि 8.32 बजे ई मेल द्वारा अवगत कराया गया कि उन्हें पोर्टल में कृषको के आवेदन की प्रविष्टिी में समस्या आ रहीं है जबकि एक कंपनी के ही आवेदन पंजीकृत हो रहे है। पोर्टल के अवलोकन पर पाया गया कि 09 पंजीकृत प्रदायको द्वारा 206 आवेदन पोर्टल में पंजीकृत कराये गये है। चैम्प्स पोर्टल में पंजीकृत प्रदायको को लॉगिन पासवर्ड की सुविधा के साथ-साथ सभी इच्छुक कृषक जो चैम्प्स में सम्मिलित योजना का लाभ लेना चाहते है वे पोर्टल में सीधे पंजीयन करा सकते है। वर्ष 2024-25 में 506 एवं 2025-26 में अब तक 1763 किसानों द्वारा चैम्प्स पोर्टल में कृषि यंत्रो की प्राप्ति हेतु सीधे आवेदन प्रस्तुत किया गया है। चैम्प्स पोर्टल में एक ही लॉगिन पासवर्ड का उपयोग कर विभिन्न कम्प्युटर सिस्टम, लेपटॉप आदि में उपयोग किये जाने की सुविधा है। यह सुविधा किसी प्रदायक विशेष के लिये न होकर समान रूप से सभी के लिये है।
कृषि मंत्री के जवाब में यह भी उल्लेखित था कि संचालक कृषि एवं उद्यानिकी द्वारा चैम्प्स में सम्मिलित योजना के लक्ष्य वित्तीय वर्ष के प्रारंभमें जिलेवार जारी किये गये। योजना अंतर्गत बीज निगम मुख्यालय को जिलेवार, वर्गवार प्राप्त आवेदन एवं कृषक अंश के आधार पर भारत सरकार से प्राप्त राशि के उपयोग को दृष्टिगत रखते हुए संचालको को लक्ष्य संशोधन का प्रस्ताव भेजकर संशोधित लक्ष्य प्राप्त करने के उपरांत स्वीकृति जारी की गई है। दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर जिलो में प्रदायित प्रारंभिक लक्ष्य के विरुद्ध ट्रेक्टर तथा उपकरणो के आवेदन एवं कृषक अंश राशि प्राप्त नहीं होने के कारण उक्त लक्ष्य को अन्य जिलो में जहां वर्गवार अधिक प्रकरण पंजीकृत होने के साथ साथ कृषक अंश राशि भी जमा कराया गया है, उन जिलो को लक्ष्यो का पुर्नविभाजन करते हुए संशोधित लक्ष्य जारी किये जाते है। वर्ष 2024-25 में दंतेवाड़ा जिले में कुल 27 (25 ट्रेक्टर), बीजापुर में कुल 22 (17 ट्रेक्टर), सुकमा कुल 18 (14 ट्रेक्टर) एवं नारायणपुर कुल 08 (7) ट्रेक्टर) के आवेदन स्वीकृत कर कृषि यंत्र/उपकरण प्रदाय किये गये है। दिनांक 14 मई 2025 में ऑनलाईन पंजीयन संबंधी प्राप्त शिकायतो के परिपेक्ष्य में त्वरित कार्यवाही करते हुए 04 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। जांच समिति द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। समिति के अभिमत/अनुशंसा एवं गुण-दोष के आधार पर व्यवस्था में आवश्यक संशोधन करते हुए इसे और पारदर्शी एवं कृषकोन्मुखी बनाने की कार्यवाही की जाएगी। जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहभागिता को सुनिश्चित किया जाएगा।
विधायक चातुरी नंद ने कृषि मंत्री से सिर्फ एक दो ही ट्रैक्टर कंपनियों को पंजीयन होने पर सवाल उठाया और उच्च स्तरीय जांच की मांग की जिसको मंत्री ने स्वीकारते हुए पूरे प्रक्रिया की जांच का आश्वासन दिया।
विदित हो कि सरायपाली विधायक चातुरी नंद विधानसभा के मानसून सत्र में लगातार किसानों, युवाओं और महिलाओं की आवाज बुलंद कर रही है। जनहित के मुद्दे उठाने के लिए सरायपाली विधायक चातुरी नंद पूरे प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान बना चुकी है।

