बिलाईगढ़: देवानंद (मन्नू) देवांगन ने खोला ‘कोसा घर’, हाथकरघा कोसा साड़ियों के लिए समर्पित नई पहल

बिलाईगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ |
कोसा साड़ियों की परंपरा, शुद्धता और शान को सहेजते हुए बिलाईगढ़ के देवानंद (मन्नू) देवांगन ने अपने ही घर में “कोसा घर” नामक कोसा साड़ी दुकान की शुरुआत की है। यह पहल न केवल स्थानीय ग्राहकों को शुद्ध हाथकरघा कोसा साड़ी उचित मूल्य पर उपलब्ध कराएगी, बल्कि क्षेत्रीय बुनकरों को भी एक नई पहचान देगी।

देवानंद देवांगन पिछले 21 वर्षों से देशभर में प्रदर्शनी के माध्यम से हाथकरघा की साड़ियों को प्रमोट कर रहे हैं। उनकी बुनाई की विरासत पीढ़ियों से चली आ रही है। अपने अनुभव, समर्पण और परंपरा को बनाए रखते हुए वे अब बिलाईगढ़ में ही बुनकरों की कला को बढ़ावा देना चाहते हैं।
साल 2015-16 में उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति बुनकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
शुद्ध कोसा की पहचान और विशेषता
कोसा साड़ियों की खासियत:
प्राकृतिक रूप से प्राप्त धागों से बनी होती हैं।
पूजा-पाठ में पहनना शुभ माना जाता है।
गर्मी में ठंडक और सर्दी में गर्मी का अहसास कराती हैं।
वेजिटेबल डाई से रंगी होती हैं, जिससे रंग कभी नहीं उतरता।
सभी साड़ियाँ पूरी तरह हाथकरघा से बनी होती हैं।
ड्राई क्लीन कराने से इनकी क्वालिटी और बढ़ती है।
समय के साथ इनकी चमक और निखरती जाती है।
अलग-अलग सिल्क की पहचान:
कोसा सिल्क – पतला और मुलायम धागा
घीचा सिल्क – मोटा और रेशा उभरा हुआ
डुपियन सिल्क – मोटा धागा और रेशेदार
टिशू सिल्क – अत्यंत मुलायम क्वालिटी
निष्कर्ष:
देवानंद (मन्नू) देवांगन के यहां मिलने वाली कोसा एवं अन्य सिल्क साड़ियाँ –
शुद्ध, सुंदर, मजबूत, टिकाऊ, आरामदायक और पूजा के लिए उपयुक्त हैं।
इन साड़ियों में किसी प्रकार की मिलावट नहीं होती, जिससे ग्राहकों को असली कोसा का अनुभव मिलता है।
संपर्क एवं पता:
कोसा घर
थाना रोड, बिलाईगढ़, जिला – सारंगढ़ बिलाईगढ़
📍 गूगल मैप पर खोजें: Kosa Ghar
📞 संपर्क: 9179750066 / 9343200751 / 7000670405

