Monday, March 23, 2026
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छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य की संभावनाओं पर खुलकर हुई चर्चा

सरायपाली। स्व.राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजत महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर “छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों का विकास और भविष्य की संभावनाएँ” विषय पर एक विस्तृत परिचर्चा का आयोजन हुआ, जिसमें राज्य के विकास पथ, उपलब्धियाँ और आने वाले वर्षों की चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ओमप्रकाश चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में अद्भुत प्रगति की है। उन्होंने कहा,

“छत्तीसगढ़ की आत्मा हमारे गाँवों में बसती है। यदि ग्रामीण विकास, युवाओं का कौशल संवर्धन और आधुनिक तकनीक का समुचित उपयोग हो तो 2047 तक छत्तीसगढ़ निश्चित रूप से विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।”उन्होंने राज्य के भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संसाधनों को सही दिशा में उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री चंद्रकुमार पटेल ने की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में शिक्षा संस्थानों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी हीराज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगी।

विशिष्ट अतिथियों में शामिल, धनेश नायक,श्री विपिन उबोवेजा , जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कुमारी भास्कर, पूर्व विधायक सरायपाली श्री रामलाल चौहान, डॉ. प्रकाशचंद्र पटेल, श्री रवींद्र पंडा श्रीमती रश्मि पांडा ,सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार रखे।सभी ने राज्य की कृषि नीतियों, औद्योगिक विकास, पर्यटन संभावनाओं, महिला और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की विकास गाथा और भी उज्ज्वल होगी।

परिचर्चा में महाविद्यालय के प्राचार्य, संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएँ भी शामिल रहे।पत्रकारों और स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर सुझाव दिए।छात्र-छात्राओं ने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, हरित ऊर्जा और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए ।

परिचर्चा के अंत में प्राचार्य द्वारा निष्कर्ष निकाला गया कि—

कृषि और उद्योग का संतुलित विकास ही ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान देना होगा। महिला सशक्तिकरण और युवा कौशल विकास छत्तीसगढ़ की प्रगति के प्रमुख स्तंभ होंगे। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की नीतियाँ भविष्य के लिए अनिवार्य हैं। छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखर अग्रवाल, राजेन्द्र नायक, प्रमोद सागर, मुरली नायक, धनेश्वर भास्कर, मनोज दास और जनभागीदारी समिति के सांसद प्रतिनिधि अविनाश सिंह आदि उपस्थित रहे। परिचर्चा का संयुक्त संचालन हेमलता पटेल और खीरसागर पटेल एवं आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक राजकिशोर पटेल ने किया। इस अवसर पर जनभागीदारी समिति के सदस्यगण, पालकगण, महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

 

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