
सरायपाली। छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ के अवसर पर आज शासकीय प्राथमिक शाला एवं उच्च प्राथमिक शाला कसडोल में स्पीड रीडिंग एवं पुस्तक वाचन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के बच्चों के साथ-साथ अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक भी सक्रिय रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में पठन-पाठन की रुचि बढ़ाना, ज्ञानार्जन के प्रति उत्सुकता जगाना तथा पुस्तकों के प्रति प्रेम विकसित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्रधान पाठक क्रांति कुमार सरस्वती के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का सफल संचालन अंजू पटेल एवं योगेश साहू ने किया। प्रतियोगिता में बच्चों ने अद्भुत उत्साह एवं आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। स्पीड रीडिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सीमित समय में सर्वाधिक पंक्तियाँ शुद्ध एवं स्पष्ट उच्चारण के साथ पढ़कर अपनी प्रतिभा दिखाई। वहीं पुस्तक वाचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कहानी, निबंध एवं प्रेरक प्रसंगों का प्रभावी वाचन कर सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ग्राम के अभिभावकों एवं जनभागीदारी के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और बच्चों के साथ अपने वाचन कौशल का परिचय दिया। इस पहल ने बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना तो जगाई ही, साथ ही विद्यालय और समाज के बीच बेहतर जुड़ाव का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के सदस्यों ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया और विजेताओं को चयनित किया। अंत में विजेता विद्यार्थियों एवं सहभागियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय परिवार की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में पढ़ने की गति, भाषा कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने में बहुत उपयोगी हैं।प्रधान पाठक क्रांति कुमार सरस्वती ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पुस्तकें हमारे ज्ञान और व्यक्तित्व विकास की सच्ची साथी हैं। इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में रचनात्मकता और सकारात्मक सोच का विकास होता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की घोषणा की।





