
बसना/महासमुंद। 1 नवंबर सन 2000 छत्तीसगढ़ वासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिवस है जब छत्तीसगढ़ के विशिष्ट संस्कृति से ओत प्रोत हमारी मातृभूमि को छत्तीसगढ़ राज्य के रूप में एक पहचान मिला तब से वर्तमान तक हमारे छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने विरासत एवं अपनी संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ अपने जनमानस के विकास की एक लंबी गाथा लिखने में लगा है वर्तमान में इस 25 वर्ष के यात्रा का हम सभी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं पूरे राज्य में यह उत्सव आम जनता द्वारा हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जा रहा है।
इसी कड़ी में शासकीय प्राथमिक शाला करना पाली विकासखंड बसना में दिनांक 28 अगस्त 2025 से प्रति दिवस छत्तीसगढ़ स्थापना रजत जयंती उत्सव में अनेक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं ।विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसना विनोद शुक्ला सहायक विकासखंड अधिकारी लोकेश्वर कंवर एवं बीआरसी बद्री विशाल जोल्हे के मार्गदर्शन में विद्यालय में प्रथम दिवस 28 अगस्त को पुस्तक पठन,द्वितीय दिवस को स्पीड पठन(समझ के साथ पठन) एवं तृतीय दिवस विद्यालय के विकास यात्रा को रखते हुए छत्तीसगढ़ की संस्कृति से ओतप्रोत अनेक कार्यक्रम बच्चों द्वारा विद्यालय में रखा गया तृतीय दिवस छत्तीसगढ़ के राज्य स्थापना के पश्चात स्थानीय समाज को मिले विभिन्न योजनाओं के लाभ को लेकर कक्षा पांचवी के भैया बहनों द्वारा एक नाटक प्रस्तुत किया गया जिसमें स्थानीय समाज के अंग किसान, मजदूर , विद्यार्थीयों एवं माताओं के जीवन में आए बदलाव को दिखाया गया साथ ही साथ बच्चों ने छत्तीसगढ़ की विरासत छत्तीसगढ़ी वेशभूषा को पहनकर मातृभूमि गान के रूप में छत्तीसगढ़ी देशभक्ति गीतों का गान किया जिसे सभी पालकों एवं जन प्रतिनिधियों ने बहुत सराहा।

विद्यालय के प्रधान पाठक गिरधारी साहू ने बताया की छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती कार्यक्रम बच्चों में एवं संपूर्ण समाज में छत्तीसगढ़ की विरासत हमारी अपनी संस्कृति एवं अपने मातृभूमि के प्रति सम्मान व्यक्त करने का उत्सव है। अतः इस उत्सव की बेला में सभी छत्तीसगढ़ वासियों को उत्साह पूर्वक भाग लेकर अपने मातृभूमि का यशगान करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती उत्सव के प्रत्येक कार्यक्रम को विद्यालय में उत्साह पूर्वक आयोजित करने में शिक्षक वीरेंद्र कुमार कर एवं शिक्षिका निर्मला नायक का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पूरे विद्यालय परिवार के इस प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना रजत जयंती के उत्सव को मनाने हेतु शाला समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल पालक गंगाधर नेताम, महेश पटेल एवं समस्त ग्रामीण बंधुओं ने हर्ष व्यक्त किया है।




