
महासमुंद: आज गांधी कांग्रेस भवन महासमुंद में अविभाजित मध्य प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित श्यामाचरण शुक्ल की पुण्यतिथि पर एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके शानदार व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित श्यामाचरण शुक्ल जी एक कुशल प्रशासक और दूरदर्शी राजनेता थे। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विकास हेतु उनके द्वारा किये गये कार्य, विशेषकर उन्हें हरित क्रांति को सफल बनाने, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार और ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता।
स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को बताते हुए वक्ताओं ने उनके 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भागीदारी और जेल यात्रा के संघर्षों को याद करते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
वहीं उनके साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा स्थापित हिंदी दैनिक समाचार पत्र ‘महाकोशल’ के माध्यम से पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए गए योगदान पर भी चर्चा की गई।
सभा को पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर, मण्डल अध्यक्ष खिलावन बघेल तथा वरिष्ठ नेता मनोज कांत साहू आदि ने भी संबोधित कर श्यामाचरण शुक्ल जी के राजनीतिक तथा सामाजिक जीवन के विषय में जानकारी दी तथा महासमुंद के सांसद के रूप में किये गये कार्यों का स्मरण किया।
श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर, मनोजकांत साहू, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला, अन्नू चन्द्राकर, खिलावन साहू, मण्डल अध्यक्ष खिलावन बघेल, संजय शर्मा, कृष्णा चन्द्राकर, जिला कोषाध्यक्ष निर्मल जैन, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष सोनम बंसोड, पार्षद विक्की खान, पार्षद गौतम सिन्हा, पार्षद जय देवांगन, मिन्दर चावला, सोमेश दवे, भरत ठाकुर, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमन चन्द्राकर, देवेश शर्मा, प्रदीप चन्द्राकर, मण्डल अध्यक्ष वीरेन्द्र चन्द्राकर, मण्डल अध्यक्ष हुलास गिरि गोस्वामी, अजय थवाईत, तबरेज खान, डॉ एजाज नकवी, गौरव चंद्राकर, मेहुल सूचक, श्रीमती ममता चंद्राकर, राजू साहू, लीलू साहू, अनुराग चंद्राकर, खेमराज ध्रुव, लोकेश चंदन साहू, दिनेश दुबे, बसंत चंद्राकर, तुलसीदास, राजू बुंदेला सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन दो मिनट का मौन रखकर और उनके बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।




