
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक आगामी 30 सितंबर 2025, मंगलवार को अपरान्ह 3:30 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक महानदी भवन, मंत्रालय, अटल नगर, नवा रायपुर में होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी आधिकारिक सूचना जारी करते हुए बताया कि बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न नीति निर्धारण, सरकारी योजनाओं की समीक्षा और नए निर्णय लेने के लिए मंत्रिपरिषद के सदस्यों को एक साथ बुलाना है।
बैठक के संभावित एजेंडा सूत्रों के अनुसार, बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, उनमें शामिल हैं: विकास योजनाओं की समीक्षा: प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति और आगामी योजनाओं का मूल्यांकन। कृषि और किसान कल्याण: राज्य के किसानों के लिए नई योजनाओं और सब्सिडी, कृषि तकनीक और सहकारी समितियों से संबंधित प्रस्ताव। स्वास्थ्य और शिक्षा: स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, सरकारी अस्पतालों में सुधार और शिक्षा क्षेत्र में नए कार्यक्रम।

आवास और शहर विकास: नवा रायपुर समेत अन्य जिलों में बुनियादी सुविधाओं और शहरी विकास योजनाओं का अनुमोदन। सामाजिक कल्याण: महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजन के कल्याण से जुड़े नए प्रस्ताव। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी प्रस्ताव और परियोजनाओं को बैठक के लिए पूरी तरह तैयार करें, ताकि निर्णय तेजी से लिया जा सके।
कैबिनेट बैठक का महत्व राज्य मंत्रिपरिषद की यह बैठक सरकारी निर्णय और नीति निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले फैसले सीधे तौर पर राज्य के नागरिकों की भलाई, विकास और कल्याण को प्रभावित करेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में नए सरकारी कार्यक्रम और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की संभावनाएं अधिक हैं। इसके अलावा, बैठक में पूर्ववर्ती योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी ताकि उनके कार्यान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मंत्रिपरिषद सदस्यों की भागीदारी बैठक में राज्य के सभी मंत्रिपरिषद सदस्य उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी उपस्थित रह सकते हैं, ताकि प्रस्तावित योजनाओं और कार्यक्रमों पर विस्तृत जानकारी साझा की जा सके। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी कहा कि बैठक के दौरान जो निर्णय लिए जाएंगे, उनके पालन और क्रियान्वयन की निगरानी लगातार की जाएगी। इससे सरकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा और जनता तक लाभ पहुंच सकेगा।




