Thursday, February 5, 2026
Homeमहासमुंदशीतकालीन अवकाश पर नवाचारी शिक्षा सामूहिक पहल से सामूहिक पढ़ाई

शीतकालीन अवकाश पर नवाचारी शिक्षा सामूहिक पहल से सामूहिक पढ़ाई

 बसना.  शासकीय प्राथमिक शाला करनापाली में सामूहिक पढ़ाई ग्रुप स्टडी या कम्युनिटी एजुकेशन पर शीतकालीन अवकाश में नवाचारी शिक्षा के रूप में शिक्षक एवं समुदाय के द्वारा एक नया पहल किया गया है जिसमें बच्चे छोटे-छोटे समूह बनाकर विद्यालय के पूर्व छात्र एवं पालकों के सहयोग से अपने अध्ययन अध्यापन में जुटे हुए हैं।
सामूहिक पढ़ाई ग्रुप स्टडी का मतलब विद्यालय के प्रधान पाठक गिरधारी साहू ने बताते हुए कहा की लोगों का एक साथ मिलकर सीखना जहां वे विचारों का आदान-प्रदान करते हैं एक दूसरे को सिखाते हैं समस्याओं को सुलझाते हैं और साझा लक्षण को प्राप्त करते हैं सामूहिक पढ़ाई ग्रुप स्टडी या कम्युनिटी एजुकेशन कहलाता है यह छात्रों के बीच सहयोग जुड़ाव और आजीवन सीखने की क्षमता को बढ़ाता है और यह सामुदायिक विकास और सशक्तिकरण के लिए एक प्रभावित तरीका है जो घर स्कूल और समुदाय के बीच संबंध बढ़ाता है।
विद्यालय में पदस्थ शिक्षक वीरेंद्र कुमार कर ने सामूहिक पढ़ाई के लाभ को बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में बच्चे एक दूसरे को समझ कर और चर्चा करके विषय की गहरी समझ विकसित कर रहे हैं जिससे साथियों के साथ सीखने से उत्साह बच्चों में बढ़ रहा है एवं सीखने की प्रक्रिया मजेदार हो रही है साथ ही साथ समूह में काम करने से विभिन्न दृष्टिकोण बच्चों को मिलते हैं जिससे कई बच्चों की जटिल समस्याओं का समाधान आसान हो रहा है तथा सामाजिक कौशल जैसे संवाद सहयोग और निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण कौशल बच्चों में विकसित हो रहे हैं
विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका निर्मला नायक ने सामुदायिक सहभागिता से अवकाश के दिनों में विद्यालय द्वारा बच्चों के अध्ययन अध्यापन में किया जा रहे नवाचार पर विषय रखते हुए कहा की सामुदायिक शिक्षा एक ऐसा दृष्टिकोण है जो शिक्षा को केवल स्कूल की चार दिवारी तक सीमित न रखकर पूरे समुदाय को जोड़ता है जहां सीखने और सीखने-सिखाने की प्रक्रिया जीवन भर चलती है और इसका उद्देश्य व्यक्तियों और समुदाय को सशक्त बनाना है। ताकि वे वास्तविक दुनिया की समस्याओं को सुलझा सकें और सामाजिक आर्थिक व पर्यावरणीय विकास में योगदान दे सकें। यह शिक्षा घर स्कूल और समुदाय के भी संबंधों को मजबूत करती है और सभी उम्र के लोगों के लिए व्यवहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करती है जैसे बागवानी पोषण साक्षरता और नागरिक जुड़ाव।
विद्यालय द्वारा बच्चों के शैक्षणिक विकास हेतु किए जा रहे शिक्षकों के प्रयास पर शाला विकास समिति एवं ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त किया है एवं विद्यालय परिवार को इस प्रकार नवाचारी गतिविधियों से आगे बढ़ाने हेतु प्रेरित किया है।

spot_img
LETEST ARTICLES

नवागढ़ में संकुल स्तरीय टीएलएम मेला का आयोजन

सरायपाली। संकुल स्रोत केंद्र समग्र शिक्षा टीएलएम नवागढ़ में संकुल स्तरीय (शिक्षण-अधिगम सामग्री) मेला का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। मेले में मुख्य अतिथि के...

Most Popular