
सरायपाली। रेड क्रॉस भवन रायपुर में राज्य स्तरीय यूआईडीएआई की महत्त्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नए आधार सॉफ्टवेयर, दस्तावेज संशोधन प्रक्रिया एवं अपडेट नियमों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों से आए आधार आॅपरेटरों ने भाग लिया। कार्यक्रम में यूआईडीएआई की टेक्निकल टीम दिल्ली से तथा आरओ कार्यालय हैदराबाद की टीम भी विशेष रूप से उपस्थित रही।
बैठक में महासमुंद आधार ईडीएम भूपेन्द्र के मार्गदर्शन में जिले के सभी आॅपरेटर एवं आधार कोआॅर्डिनेटर मूलचंद निषाद, जिला आॅपरेटर डीगेस सिन्हा, आधार गाइड टीम चकरदा से चेतराम पटेल, बलौदा से रेशम यादव सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। आधार गाइड टीम ने आॅपरेटरों पर लगने वाली पेनाल्टी के विषय पर चर्चा की। गलत दस्तावेज अपलोड होने पर भारी पेनाल्टी लगने की संभावना को देखते हुए आॅपरेटरों को यह स्पष्ट रूप से बताया गया कि कौन-से दस्तावेज मान्य हैं और कौन-से अब पूरी तरह इनवैलिड घोषित किए जा चुके हैं। साथ ही यह बताया गया कि पुराने दस्तावेज जो पहले आधार सुधार में उपयोग किए जाते थे, अब अमान्य हो चुके हैं। नाम एवं जन्मतिथि सुधार के मामलों में गलत दस्तावेज अपलोड होने पर यूआईडीएआई द्वारा पेनाल्टी लगाई जा रही है। इसी उद्देश्य से यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, ताकि भविष्य में कोई भी आॅपरेटर त्रुटिपूर्ण दस्तावेज अपलोड न करे और किसी भी प्रकार की पेनाल्टी से बचा जा सके। इस अवसर पर यूआईडीएआई अधिकारी खुशीदआलम, संजय मोहंती एवं सौरभ रामटेक ने महासमुंद जिले में चल रहे एमबीयू संचालन कार्य की सराहना करते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। आधार गाइड टीम ने जिले में बढ़ रही डीएक्टिव एवं कैंसिल आधार की स्थिति पर भी ध्यान आकर्षित कराया तथा 10 वर्ष पुराने आधार कार्ड के अपडेट एवं दस्तावेज सत्यापन न कराने से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी भी अधिकारियों को दी। कार्यक्रम में आधार सेवा केंद्र रायपुर से पूर्णेन्द्र साहू भी उपस्थित रहे। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए यूआईडीएआई के सभी अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ के सभी आॅपरेटर का आधार गाइड टीम की ओर से आभार व्यक्त किया गया।




