
सरायपाली। सरस्वती शिशु मंदिर बलौदा के छात्र छात्राओं ने लक्ष्मण मंदिर सिरपुर, कुंभ कल्प एवं त्रिवेणी संगम राजिम व पुरखौती मुक्तांगन का शैक्षणिक भ्रमण किया। जहां विद्यार्थियों ने जाना कि यह मंदिर मुख्यतः भगवान विष्णु को समर्पित है किंतु गर्भ गृह में लक्ष्मण जी की प्रतिमा स्थापित है। साथ ही विद्यार्थियों ने ज्ञान, आस्था एवं भक्ति का महापर्व कुंभ कल्प के संत समागम में भारतीय परंपरा को जाना समझा, ज्ञात हो कि त्रिवेणी संगम (महानदी, पैरी एवं सौंढ़ूर) में प्रसिद्ध राजीव लोचन मंदिर में विद्यार्थियों ने दर्शन किए।
छत्तीसगढ़ की विभिन्न जनजातियों की संस्कृति को निकट से जाना,आवास, नृत्य, वेशभूषा एवं देव-अनुष्ठान के विषय में सीखते हुए विद्यार्थियों ने सुआ नृत्य, बैगा नृत्य, सैला एवं कर्मा नृत्य, गेड़ी नृत्य आदि को समझा। विद्यालय की ओर से प्रधानाचार्य सरोज डडसेना, आशीष डडसेना, क्षीरसागर सिदार, मनोज जाम्हारे एवं वीणा साव, सस्मिता राजपूत, रोशनी साहू एवं प्राची भाई उपस्थित थे।





