
सरायपाली। बलौदा थाना अंतर्गत एक ग्राम से लगभग 13 वर्षीया एक बालिका के साथ अनाचार के अगस्त 2022 के एक मामले में आज 12 दिसंबर को पवन कुमार अग्रवाल जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी(पॉक्सो) सरायपाली के द्वारा आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। शासन की ओर से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक लोचन प्रसाद साहू ने की।
मिली जानकारी अनुसार विगत 28 अगस्त 2022 को पीड़िता के पिता ने थाना बलौदा में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री 25 अगस्त 2022 को सुबह ग्राम के तालाब में नहाने गई थी। नहाकर वापस आते समय चक्रधर पिता जगदीश के द्वारा उसकी पुत्री का हाथ पकड़कर उसके घर के पास बने ट्रेक्टर रखने के जगह में उसके बायें हाथ को किसी धारदार चीज से 10-15 बार काटा और उसके साथ अनाचार किया है। उसकी पुत्री ने घर आकर इस घटना की जानकारी दी। प्रार्थी के रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध कायम कर मामले को विवेचना में लिया था। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना के पश्चात् आरोपी के विरूद्ध धारा 376 (क)(ख), 342, 323 भारतीय दंड संहिता 1860 एवं धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में मामले के संपूर्ण विचारण के पश्चात् दोषसिद्ध पाये जाने पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अग्रवाल के द्वारा आरोपी को धारा 342 में 03 माह, 324 में 02 वर्ष एवं धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी।




