
महासमुन्द/ बसना। शासकीय प्राथमिक शाला करनापाली में आज बुधवार को हर्षोल्लास के साथ संविधान दिवस मनाया गया। विद्यालय के प्रधान पाठक श्री गिरधारी साहू ने बताया कि इसी दिन वर्ष 1949 को भारत की संविधान सभा ने हमारे महान भारतीय संविधान को अंगीकृत किया गया था। यह दिन हमें संविधान के महत्व, उसकी विशेषताओं तथा नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाता है।
विद्यालय के शिक्षक श्री वीरेन्द्र कुमार कर ने बताया कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, न्याय,का अधिकार स्वतंत्रता न्याय, बंधुत्व, धर्मनिरपेक्षता का अधिकार

जैसे अमूल्य मूल्यों की गारंटी देता है।
वहीं शिक्षिका निर्मला नायक ने बताया कि संविधान के निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित कई महान विद्वानों का योगदान रहा। डॉ. अंबेडकर को ‘भारतीय संविधान के शिल्पकार’ के रूप में भी जाना जाता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के बाल केबिनेट में शिक्षा मंत्री कु. जयंती नेताम द्वारा संविधान की प्रस्तावना का विद्यालय में बच्चों द्वारा सामूहिक रूप से पढ़ी गई।साथ ही आज का संदेश “अधिकारों के साथ कर्तव्य भी आवश्यक हैं।”
आइए हम सभी संविधान के मूल्यों को अपनाते हुए एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लें। आदि सफल कार्यक्रम विद्यालय में आयोजित किए गए।
उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में शाला समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल सदस्य गंगाधर नेताम,कमल पटेल आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही विकासखण्ड स्तर से विकास खंड शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे सर, सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी लोकेश्वर सिंह कंवर, बीआरसीसी अनिल सिंह साव ने भी दूरभाष के माध्यम से बधाई व संदेश दिया।




