नाबालिग से अनाचार: आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास
सरायपाली, 12 जुलाई: थाना सरायपाली अंतर्गत ग्राम तोरेसिंहा से वर्ष 2021 में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ अनाचार करने वाले आरोपी को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) पवन कुमार अग्रवाल ने दोषी करार देते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला 7 जुलाई 2025 को सुनाया गया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक लोचन प्रसाद साहू ने पैरवी की।

घटना का विवरण:
मिली जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त 2021 को नाबालिग के पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि लभ कुंभार उर्फ उमेश कुमार उर्फ लव कुमार, पिता अभि कुंभार, निवासी ग्राम घेंसरा, जिला बरगढ़ (ओडिशा), उनके घर आया था। उसने कहा कि उसकी मोटरसायकल खराब हो गई है और वह उसे बनवाने के लिए तोरेसिंहा आया है। पूर्व परिचित होने के कारण विश्वास कर नाबालिग लड़की और उसका भाई उसके साथ गए। आरोपी ने रास्ते में लड़के को छोड़कर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले गया।

पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरोपी नाबालिग को अन्यत्र स्थान पर ले जाकर उसके साथ अनाचार किया। मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी नसीमुद्दीन खान ने की। जांच उपरांत आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366(क), 376(2)(एन), 376(3) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अदालती फैसला:
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी सिद्ध किया। अदालत ने आरोपी को:
धारा 363 के अंतर्गत – 7 वर्ष सश्रम कारावास
धारा 366(क) के अंतर्गत – 7 वर्ष सश्रम कारावास
पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत – 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
सख्त टिप्पणी:
जज श्री अग्रवाल ने कहा कि “नाबालिग बच्चियों के साथ इस प्रकार के जघन्य अपराध समाज में असुरक्षा का वातावरण पैदा करते हैं, और ऐसे मामलों में कठोर सजा देना अत्यंत आवश्यक है।”

